Friday, May 29, 2020

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से दूजराम साहू की रचना- सड़क

रचनाकार दूजराम साहू 
जिला- राजनांदगाँव (छ ग) 
विधा- कविता (मुक्त) 
शीर्षक - मैं सड़क हूँ! 

            मै सड़क हूँ! 
    मेरी पहुँच बहुत दूर तक है ! 
   जहाँ वी.आई .पी . की नहीं ! 

      मैं साफ -सफाई रहूँ! 
       हर समय नया रहूँ ! 
      ऊबड़ -खाबड़ न रहूँ!
     पथिक को चोट न लगे ! 
     कोई मेरे कारण न मरे ! 
    सदैव मेरी प्रयास रहता है!
        जी हाँ मैं सड़क हूँ! 
मैं सेवा में सदैव तत्पर रहता हूँ! 
  जीतना वी.आई. पी. नहीं! 

  मैं कच्चे -पक्के ,टेढ़े - सीधे 
   नरम-कठोर , मोटे- पतले! 
    भूरे- लाल, काले - पीले ! 
  गिट्टी -मुर्म, कांक्रीट सिमेंट 
     पत्थर -सरिया डामर 
    मैं कई रूपों में बना हूँ! 
      जी हाँ मैं सड़क हूँ ! 
      मेरी मजबूती जैसा 
  वी.आई. पी. का घर नहीं! 

       गाँव शहर कस्बे 
  सभी जगह मेरी जाल है ! 
मेरे से होकर कही भी चले जा! 
    लाखों आगे बढ़ गये ! 
     मैं वही का वही हूँ ! 
          मैं खडा़ हूँ! 
      जी हाँ मैं सड़क हूँ ! 
  मैं तीनों काल को देखा हूँ! 
 जो वी.आई. पी. देखा नहीं ! 

           मैं सेवक हूँ! 
    सेवा करना मेरा धर्म है ! 
       पर मै बहुत दुखी हूँ! 
 लोगों की अमानवीय कृत्यो से ! 
मैं जितनी जिम्मेदारी निभा रहा हूँ! 
    उतने मानव भी निभाये !
         जी हाँ मैं सड़क हूँ! 
मैं अपार दुख की सागर में डूबा हूँ ! 
    जितना वी.आई. पी. नहीं  ! 

1 comment:

  1. वाह वाह भाई ,,जोरदार,,,यही तो साहित्य है,, बधाई व अशेष शुभकामनाएं👌👌💐💐

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