Thursday, May 28, 2020

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार से डिजेन्द्र कुर्रे"कोहिनूर" की रचना- जीवन

०१. रचनाकार का नाम:-डिजेन्द्र कुर्रे"कोहिनूर"
०२. जिले का नाम-बलौदाबाजार(छत्तीसगढ़) 
०३. शीर्षक:-जीवन पर दोहे
०४. विधा:- दोहा
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    जीवन पर पाँच दोहे
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तुलसी घर की शान है ,
             पुण्य करे चहुँ  ओर।
जीवन में सुख ही भरे,
              बाँध प्रीति की डोर।।
       ★★★
औषधि जीवन का बड़ा,
           प्रचलित तीनों लोक।
तुलसी मानव का हरे,
           दुख पीड़ा सब शोक।।
      ★★★
वेदों में भी है लिखा,
           तुलसी का गुणगान।
मानवता का है यही,
           इस जग में पहचान।।
     ★★★
भीम बहुत खाने लगे,
            भूख बढ़ा जब रोज।
तृप्त हुए जीवन मिला,
            तुलसी पाकर भोज।।
   ★★★
तुलसी माता पूज्य हैं,
            जो जन पूजे रोज।
दुख विपदा सब दूर हो,
            बढ़ता मुख पर ओज।।  
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०५. व्याख्या:- तुलसी वह औषधि है जो बीमारियों को भगाने के काम आते है। इसलिए तुलसी हर घर के आंगन में होना चाहिए। जिससे हम स्वस्थ रहें।तुलसी का वर्णन वेद में भी किया गया है।

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