Monday, May 18, 2020

छत्तीसगढ़ से सुरेश पैगवार की रचना- सजल

सुरेश पैगवार
जाँजगीर, छत्तीसगढ़
शीर्षक-  जिंदा रहने की हमको भी, कोई जुगत बताओ लोगो।


~~~~~~🌹 *सजल* 🌹~~~~~~

 जिंदा रहने कीहमको भी, कोई जुगत बताओ लोगो।
खून हमारा क्यों पीते हो, तरस जरा सा खाओ लोगो।।

हमको अपने गाँव की मिट्टी अपनी जान से प्यारी  है
इस मिट्टी से  हमको ज्यादा दूर नहीं ले जाओ लोगो।

मजदूरी कर जीवन यापन, हम  किसान करते आए हैं 
साहूकारों ने  छीना है, खेत हमें दिलवाओ लोगो।

शहरों के रहने वालों ने, खाना खूब खिलाया फिर भी
हम गाँवों के रहने वाले,गाँव हमें भिजवाओ लोगो।

तुमने देखो जीवन भर के, विश्वासों को  तोड़ दिया है
अब भी आस हमारी बाकी, कुछ तो उसे बचाओ लोगो।

धन्यवाद है तुम्हें कि तुमने, जीने को कुछ काम दिया है
अब तो हुआ कठिन ये जीवन, कुछ कर्तव्य निभाओ लोगो।

हालत देखो मजदूरों की, तुमको भी रोना आएगा
हम ही नव निर्माण करेंगे, फिर वह मौसम  लाओ लोगो।।

    *सुरेश पैगवार*
            जाँजगीर, छत्तीसगढ़

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