Monday, May 18, 2020

छत्तीसगढ़ से संजय कुमार साहू की रचना- सफर

नाम :- संजय कुमार साहू
राज्य :- छत्तीसगढ़ 
विधा :- कविता 
शीर्षक :- सफर जारी है

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आज भी सफर जारी है


जिंदगी की इस पटरी पर ,
सफलता रूपी पथ गमिन चलाना अभी बाकी है ,
लाखों मुफसिलिनी के इस आलम में ,
अभी मुश्किलों का इम्तिहान बाकी है ,
यूं तो मैंने देखे हैं कई दौर ,
पर आज भी सफर जारी है....


किस्मत को कोसते बैठा था ,
भाग्य की लकीरों को समझने बैठा था ,
जब  हारा कर्मवादियों से ,
 तब से भाग्य को टटोलना जारी है ,
यूं तो मैंने देखे है कई दौर ,
पर आज भी सफर जारी है...


लोगो को जो कहने दो ,
दिल की कड़ास मुंह में भर लेने दो ,
जब करे वह कोई चमत्कारी ,
तब उन्हें मुंह में शक्कर भरने दो ,
बोलना उनका काम है ,
और हमारा उन्हें सुनना जारी है ,
यूं तो मैंने देखें हैं कई दौर ,
पर आज भी सफर जारी है ...


न अभी उदास हुआ हूं ,
और न अभी जिंदगी न्यारी है ,
न कोई बहाना रहा है ,
और न काम करने की कहानी है ,
न थके हैं पांव कभी ,
न ही हिम्मत हारी है ,
 यूं तो मैंने देखे हैं कई दौर ,
 पर आज भी सफर जारी है...

    
 -Sanjay sahu-

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