राज्य :- छत्तीसगढ़
विधा :- कविता
शीर्षक :- सफर जारी है
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आज भी सफर जारी है
जिंदगी की इस पटरी पर ,
सफलता रूपी पथ गमिन चलाना अभी बाकी है ,
लाखों मुफसिलिनी के इस आलम में ,
अभी मुश्किलों का इम्तिहान बाकी है ,
यूं तो मैंने देखे हैं कई दौर ,
पर आज भी सफर जारी है....
किस्मत को कोसते बैठा था ,
भाग्य की लकीरों को समझने बैठा था ,
जब हारा कर्मवादियों से ,
तब से भाग्य को टटोलना जारी है ,
यूं तो मैंने देखे है कई दौर ,
पर आज भी सफर जारी है...
लोगो को जो कहने दो ,
दिल की कड़ास मुंह में भर लेने दो ,
जब करे वह कोई चमत्कारी ,
तब उन्हें मुंह में शक्कर भरने दो ,
बोलना उनका काम है ,
और हमारा उन्हें सुनना जारी है ,
यूं तो मैंने देखें हैं कई दौर ,
पर आज भी सफर जारी है ...
न अभी उदास हुआ हूं ,
और न अभी जिंदगी न्यारी है ,
न कोई बहाना रहा है ,
और न काम करने की कहानी है ,
न थके हैं पांव कभी ,
न ही हिम्मत हारी है ,
यूं तो मैंने देखे हैं कई दौर ,
पर आज भी सफर जारी है...
-Sanjay sahu-
Nice
ReplyDeleteNice sanjya ji..
ReplyDeleteWhere are you searching it.... ???