जिला-महासमुन्द(छत्तीसगढ़)
शीर्षक- *मेरे सपने*
विधा- कविता
नींद में देखें वे सपने नहीं होते।
साथ जो छोड़े वे अपने नहीं होते।
यूँ ही बीत जाते हैं,
साल दर साल।
फिर भी न रहता है,
हमें खुद का ख्याल।
तुम्हें चाहने के लिए,
मैं जीता हूँ हरदम।
गर तुम साथ हो तो,
है नहीं कोई गम।
शाम ढलते ही अंधेरा,
सूर्य उगते ही सबेरा।
शुभ दिन है आज विशेष,
तारीख में है(मई 13)मैं तेरा।
*सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"*
No comments:
Post a Comment