जिले का नाम:- मुंगेली(छत्तीसगढ़)
शीर्षक:- कोरोना
विधा:- कविता
कोरोना
विश्व की सैकड़ो देश में,
है फैल चुका कोरोना।
सर पकड़ कर सब बैठे है,
अब आगे क्या है होना।।
बंगला महल ये नही देखते,
न ही देखते घर को।
अमीर गरीब को नही तौलते,
न ही बाबू अफसर को।।
कैसी विपदा आन पड़ी है,
सब संकट से घबराये है।
अपने को ही आज कोई,
यहाँ छुने से कतराये है।।
अपने करतब देख लो मानव,
कैसा प्रपंच तुम खेले हो।
बेबस लाचार जीवो को,
मौत के मुह ढ़केले हो।।
उसी का प्रमाण है जो आज,
सभी को भुगतना पड़ रहा है।
हर एक मानव बेबस होकर,
मौत के आगे लड़ रहा है।।
कोरोना जैसे महामारी से,
बचना है तो अब जागो।
शुद्ध शाकाहारी अपनाकर के,
सब मांसाहार को त्यागो।।
सावधान रहो सचेत रहो,
संपर्क में किसी के नही आना है
हाथ जोड़ो नमस्कार करो,
किसी से हाथ नही मिलाना है।।
नागेश कश्यप।।
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