उत्तर प्रदेश
तोड़ दे रंजिशे
8953191518
*गीत*
तोड़ दे रंजिशें मैं मुक्कदर तेरा।
तू है नींद मेरी,मैं हूँ ख़्वाब तेरा।
तू है बेचैन क्यों मेरी दिलरुबा।
आँखों को अश्क़ों में मत डूबा।
तू सवाल मेरा मैं जवाब तेरा।
तू है नींद मेरी,मैं हूँ ख़्वाब तेरा।
बेहिसाब रब से इबादत की।
उन दुवाओ में तेरी चाहत थी।
तू है दौलत मेरी,मैं हिसाब तेरा।
तू है नींद मेरी,मैं हूँ ख़्वाब तेरा
तू सियासत के जैसे बदलना नही।
मेरे प्यार को दीवार में चुनना नही।
तू अनारकली मेरी,मैं हूँ नवाब तेरा।
तू है नींद मेरी,मैं हूँ ख़्वाब तेरा।
बेचैनी क्यों तू दिल में सजी।
सूरत तेरी, आँखों में बसी।
तू है मन्नत मेरी,मैं सवाब तेरा।
तोड़ दे रंजिशें मैं मुक्कदर तेरा।
तू है नींद मेरी,मैं हूँ ख़्वाब।
वाह! "तू है नींद मेरी, मैं हूं ख्वाब तेरा"
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