राज्य- हरियाणा
शीर्षक- क्या कमी है तुझमें
मोबाइल- 9354959635
🌹क्या कमी है तुझमें🌹
सब कुछ तो है तुम्हारे पास
क्या कमी रह गई है तुझमें
रब ने फुरसत में बनाया है तुम्हें
रूप-रंग, जोबन,यौवन,रंगत
हुस्न-ओ-आलम सब दिया है
बोलो तो! फिर क्या कमी है तुझमें।।
घनी काली जुल्फें तेरी जब
लहराती है हवा में बलखाती हुई
चूमती है रुख़सारों को तो
बड़ा ग़जब ढाती है जुल्फें तेरी
जादू-सा कर देती होगी
कहो तो! क्या कमी है तुझमें।।
माथे पर चमकती हुई बिंदिया
काली कजरारी आँखों में काजल
उस पर तिरछे तेरे नैन कटार
किसी को भी कायल कर दे
चितवत चितचोर नैनों से
सुनो तो! फिर क्या कमी है तुझमें।।
गोरा सुंदर भोला -सा मुखड़ा
उस पर लाल रुख़सार
और उन पर दमकता हुआ नूर
लगती हो, जैसे हो कोई हूर
देखो तो! क्या कमी है तुझमें।।
होंठों पर तिरती मधुर मुस्कान
हो जाए हर कोई कुर्बान
नाक सुआ-सी,मुँह बटुए-सा
तौबा!हुस्नों-ओ-शवाब सब तो है
पुछो तो! फिर क्या कमी है तुझमें।।
सुंदर हाथ,हाथों में खनकती
सुंदर लाल-हरी-नीली-पीली चूड़ियाँ
जब खनकती है तो लगता है
जैसे बज रहा हो कहीं मधुर संगीत
सोचो तो ! क्या कमी है तुझमें।।
इतना सौंदर्य तो उड़ेल दिया है
मिला है तुझे जितना कुछ
क्या मिला है उतना औरों को
इतना सब कुछ तो है तुझमें
देखने वाला भी हो जाए हैरान
बोलो तो! क्या कमी है तुझमें।
बोलो तो! क्या कमी है तुझमें।।
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