Monday, April 6, 2020

छत्तीसगढ़ से श्रवण मानिकपुरी की रचना- मैं ,बस्तर का बेटा हूँ

कवि:- श्रवण मानिकपुरी
         कोंडागाँव
राज्य :-छत्तीसगढ़
शीर्षक  :-  मैं ,बस्तर का बेटा हूँ
संपर्क :-७९७४०४२०९२

 उबड़-खाबड़ जंगलों के बीच खद्दर के छानी के घर में रहता हूँ
सरगी ,सिवना तेंदू टोरा चार बेचकर जीवन यापन करता हूँ
मैं , बस्तर का बेटा हूँ मै, बस्तर का बेटा हूँ



नित, सुबह दोपहरी में नोन मिरी संग बासी मंडेया पेज पीता हूँ 

कड़ी धूप बरसात में मेहनत कर आनंदित जीवन जीता हूँ
मैं, बस्तर का बेटा हूँ मैं ,बस्तर का बेटा हूँ



सर पर पागा कांधे पर गमछा ,कमर पर लूंगी पहनता हूँ

दोनी पतरी में भात खाता ,बारिश में छतोड़ी ओढ़ता हूँ 
मैं ,बस्तर का बेटा हूँ मै, बस्तर का बेटा हूँ



हर नये फल फूल को देवी देवता पुरखों को जोगानी देकर  भोग प्रसाद ग्रहण करवाकर खुद खाने लग जाता हूँ

जगार धनकुल से हर दिन नया आशीर्वाद पाता हूँ 
मैं बस्तर का बेटा हूँ मैं बस्तर का बेटा हूँ



खेत निंदाई, शादी घर मे चईत परब लेजा गाता हूँ 

ढोल मांदर के थाप पर नाचकर नित नये उत्सव मनाता हूँ 
मैं, बस्तर का बेटा हूँ मैं ,बस्तर का बेटा हूँ



कोयल की कुह -कुह , मुर्गो की बाग सुनता हूँ

शहरी जीवन से अलग प्रदूषण कोलाहल से दूर ग्रामीण जीवन जीता हूँ
मैं, बस्तर का बेटा हूँ मैं ,बस्तर का बेटा हूँ 



पेड़ पत्थर को देवता जानता हूँ
जननी बस्तर भूमि को स्वर्ग से बढ़कर मानता हूँ

मैं, बस्तर का बेटा हूँ मैं ,बस्तर का बेटा हूँ



इंद्रावती ,शंखनी-डंखनी, नारंगी की  कल कल ध्वनि श्रवण करता चित्रकोट तीरथगढ़ का नित दर्शन पाता हूँ

चीतल ,भालू बन्दर संग मैं, माँ दंतेश्वरी की आँचल की  छाँया  पाता हूँ
मैं ,बस्तर का बेटा हूँ मैं ,बस्तर का बेटा हूँ


_श्रवण मानिकपुरी

10 comments:

  1. बस्तर और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की महक आपकी रचना में झलकती है। छत्तीसगढ़ की पारंपरिक जीवन शैली को जीवंत करती ये रचना बेहद मार्मिक और सारगर्भित है। छत्तीसगढ़ की माटी की सौंधी सौंधी महक इस रचना के हर लफ्ज,हर शब्द मे सुपरिभाषित होती है। बहुत बहुत बधाई एवम अशेष शुभकामनाएं,,,

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद आपको

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  2. Ek achi rachna h Jo bastar mati ki kushboo ki chatta bikherti h ...🙏

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  3. Mai Kabhi sapne me bhi Nahi socha tha bhaiya ki hamare gaon me bhi ek special rachnakar ho Sakta lekin mujhe aap par Garv hai bhaiya.aise hi aap achha achha rachna karte raho

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  4. वेरी नाइस मेरे गुरुवर आदरणीय श्री श्रवण मानिकपुरी सर जी मैं अनिल यादव बड़े कनेरा🇮🇳🇮🇳🙏🙏👌👍👍💛💚🍁🌸🌺

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