नई दिल्ली
नवरात्रि
चलो इस बार नव रात्रि मनाएं
इस तरह यारों
किसी के काम आ पाएं तो आएं
इस तरह यारों
खुद अपना पेट भरना तो पशु
भी कर ही लेते हैं
जरूरतमंद लोगों पर लुटाओ
प्यार तुम यारों।
इन्हीं के दिल से निकली हर दुआ
त्योहार लाएगी
इन्हीं के रूप में खुद मां तुम्हारे
घर में आएंगी
अगर निस्वार्थ रहकर कर सको तो
तुम करो सेवा
तुम्हारी अगली पीढ़ी भी तो सदगुण
सीख जाएंगी।
मुसीबत की घड़ी है ये
तुम्हारा साथ मिल जाए
तेरे हिस्से की रोटी से
किसी का पेट भर जाए
जो सड़कों पर भटकते हैं
जो लड़ते भूख से हरपल
सहारा तुम बनो उनका
तो जीवन भी संवर जाए ।
डॉ पूजा कौशिक
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