राज्य_छत्तीसगढ़
शीर्षक_कैसा ये कोरोना का शोर है?
कैसा ये कोरोना का शोर है?
कैसा ये कोरोना का शोर है?
हाहाकार मच रहा, चहुं ओर है
इस भयंकर, वैश्विक महामारी से
बच नहीं रहा कोई छोर है
न जाने कैसे सम्हलेंगे हालात
किनके हांथों में उसकी डोर है?
छोटा है पर इतना आक्रामक
कि चल न पा रहा किसी का जोर है
खोज में लगे हैं,, क्या इसका तोड़ है
घर में रह कर तोड़ना है कड़ी
जो कोरोनावायरस का बेजोड़ है
घर बैठे हराएंगे, जनता चाहे बोर है
कैसा ये कोरोना का शोर है?
Very nice 🌹👌👌👌
ReplyDeleteबहुत सुंदर पंक्तिया भाभी जी
ReplyDeleteBahut hi sundar kavita mem👌👌👌👍👍
ReplyDeleteSahi line hai
ReplyDelete👌👌👌👌👌👌🙏👍
ReplyDeleteआज़ कल तो कोरोना ही छाया है।
ReplyDeleteहोंगे इससे मुक्त ये आशा है मुक्तांशा।।
जी, बिल्कुल दूर होगी निराशा
Deleteयही चाहती है "मुक्तांशा"
Nice one chachi ji..
ReplyDeleteBahut sundar kavita hai jo,, 💐💐💐
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