पता - रमतरा, बालोद, छत्तीसगढ़
शीर्षक - मोहे देखन दे
विधा - गीत
" मोहे देखन दे "
असीघाट को गए छोड़ गोस्वामी जी,
जाने गए वो किधर ढूंढे सबकी नजर,
मोहे देखन दे, गुरु महिमा देखन दे
पहली बार श्री कबीर दास जी ने
काशी ( लहर तालाब ) में लिया अवतार हो...
ऐकश्र्वरवादी विश्व में फैले
ऐसा किया विचार हो...
ईश्वर एक है दूजा न कोए
जाना सब संसार ऐसा हुआ उदगार
मोहे देखन दे, गुरु महिमा देखन दे...
दुसरी बार श्री तुलसीदास जी ने
जग में अवतार हो...
सपना जो स्वामी जी का था
उसको किया साकार हो...
रामचरितमानस सबके सनमुख आये
जाना सब संसार ऐसा हुआ उदगार
मोहे देखन दे, गुरु महिमा देखन दे...
तीसरी बार श्री घासीदास जी ने
जग में लिया अवतार हो...
सर्वधर्म - समभाव विश्व में फैला
ऐसा किया प्रचार हो
जाना सब संसार मोहे देखन दे
गुरु महिमा देखन दे...
- खुमान सिंह भाट -
Bahut achha likhe bhai achhi shuruaat ki h aapne
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