राज्य - छत्तीसगढ़
शीर्षक - "बेबसी की तस्वीर"
कविता:-
"बेबसी की तस्वीर"
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दो रोटी दे कर सौ तस्वीर खीचा ली
मेरी बेबसी को कैमरे में कैद कर ली
बड़ी-बड़ी अखबारों और मैग्जीन में अपनी तस्वीर छपवा ली
दो रोटी क्या दी साहब ने...
मेरे गाल पर रहीसी की छाप छोड़ दी
कह रहे हैं गरीबों की मदद करो
मन को शान्ति मिलती है
इसी बहाने साहब ने
अपनी पब्लिसिटी बढ़ा ली
दान-धरम सब कहने की बाते हैं
असल में किसी ने रहीसी दिखाई तो किसी ने राजनीति कर ली
और भी हैं कैमरे के पीछे
किसी ने दुआ की तो किसी ने इंसानियत दिखा दी ।।
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