Tuesday, April 21, 2020

छत्तीसगढ़ से डिजेन्द्र कुर्रे"कोहिनूर" की रचना- किसान का दर्द

नाम- डिजेन्द्र कुर्रे"कोहिनूर"
राज्य-छत्तीसगढ़, जिला महासमुंद
किसान- किसान का दर्द
मो. 8120587822
--–------------–-------------–----
              किसान का दर्द 
      ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆

हल चलाते किसान , परिश्रम खूब करते हैं,
लेकिन सेठ साहूकार अपनी तिजोरी भरते है ।
कितनी भी मुसीबत हो, किसान धैर्य धरते है,
कौन समझे किसान का दर्द,वे कितने तड़पते हैं।

स्वयं भूखा रहकर ,औरों को भोजन कराते है,
परिवार का पालन करते,बच्चों को पढ़ाते है।
धूप हो या वर्षा हो, परिश्रम निरंतर करते हैं,
कौन समझे किसान का दर्द ,वे कितने तड़पते हैं।

बेटी की ब्याह रचाने को,जमीन भी गिरवी रखते है,
टूट पड़ती दुख उन पर ,वे छुपकर सिसकते है।
समाज में मान बचाने को, सारे यत्न ओ करते  है,
कौन समझे किसान का दर्द ,वे कितने तड़पते हैं।

सूखे की मार पड़े तो,दाने को मोहताज हो जाते है।
गरीबी की ये जिंदगी को,कैसे कैसे बिताते हैं।
महंगाई के इस दुनिया में ,कर्जदार ही रहते हैं,
कौन समझे किसान का दर्द ,वे कितने तड़पते हैं।

●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...