Tuesday, April 21, 2020

छत्तीसगढ़ से सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की रचना

नाम- सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
राज्य-छत्तीसगढ़,जिला-महासमुन्द
शीर्षक- *पालघर की घटना पर मेरा आक्रोश*
मोब.8103535652
      
1.भगवा वसन देख,मन क्यों काला हो गया।
शहीद हुए दो संत,कल्पवृक्ष ज्वाला हो गया।
पालघर में देखो,भीड़ ने कैसा कोहराम मचाया।
शांतिदूतों की रखवाली,मौन क्यों वर्दीवाला हो गया।
2.ये कैसी भीड़ थी,जो दो साधुओं पर पत्थर बरसाए।
धन्य उस वन रक्षक का ,जिसने वर्दीवाले को बुलवाए।
अब लॉकडाउन में ये कैसी अनहोनी हो गयी।
सौ-दो सौ ने तीन पर लाठी,चाकू,डंडे बरसाए।
3.आज भगवा रंग खून की छीटों से सनाया है।
सवाल उठता है,लॉकडाउन में भीड़ ने कैसे तांडव मचाया है।
संसार संतों की करुणा देखी,उन पर हो रहे अत्याचार।
वो केवल दो संत ही नहीं,हमने दो कल्पवृक्ष गंवाया है।
4.गर भगवा रंग के कारण उन संतों को मौत मिला है।
अब तो कुछ बोलो हे राजन!या तुम्हारी मुँह सिला है।
संतों की हाय लगेगी, गर हमने उनको न्याय न दिलाया।
आज केवल दो लाश ही नहीं,भगवा का विश्वाश जला है
    
 सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"

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