Monday, April 13, 2020

उत्तराखण्ड से संदीप सिंधवाल की रचना- तेरा मिलना

कवि - संदीप सिंधवाल
शीर्षक - गीत: तेरा मिलना 
राज्य - रुद्रप्रयाग उत्तराखंड 
संपर्क - +67578227763

तेरा मिलना
विधा - गीत

तेरा मिलना फिर वही रंग लाएगा।
बीते दिनों की सौगात संग लाएगा।।

अभी जिस्म से केवल दूर हूं
तेरे दिल के करीब जरूर हूं
भावुक मन जाने क्या  द्वंद लाएगा।
तेरा मिलना फिर वही रंग लाएगा।।

बेचैन मन संभाले बैठा हूं
सपनों को निहाले बैठा हूं
मुरझाए जिस्म में एक तरंग लाएगा।
तेरा मिलना फिर वही रंग लाएगा।।

शिकवा भूल लग जा गले
सांझ ढले जाए चाहे भले
तेरे छूना मन में नयी उमंग लाएगा।
तेरा मिलना फिर वही रंग लाएगा।।

तू है तो रंगीन हर शाम होगी
हाथों कुछ होंठो जाम होगी
उस घड़ी सिहरन  हर अंग पाएगा।
तेरा मिलना फिर वही रंग लाएगा।। 

तेरा मिलना फिर वही रंग लाएगा।
बीते दिनों की सौगात संग लाएगा।।

©️संदीप सिंधवाल
रुद्रप्रयाग उत्तराखंड

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