राज्य - छत्तीसगढ़
कविता का शीर्षक - अम्बे माँ
सम्पर्क सूत्र - 7987604026
हँसता हुआ मनभावन चेहरा।
तू जग पाला तू ही सहारा।
दुखियों के दुःख हरने वाली तू,
अम्बे माँ-२ , ग़ौरी माँ-२,
पहले मेरे दिल की तू अरमान सुन ले।
काम क्रोध लोभ मोह,हटा दो सब झमेले।
हे कालरात्रि-२ , हे सिद्धीदात्री-२
कर दे खुशहाल दुनिया,,,,,,,
हँसता हुआ मनभावन चेहरा,,,,
आज़ मेरे रग- रग में ऐसा रंग भर दे।
आ सकूं काम देश के ऐसा मुझे वर दे।
गाऊं प्रेम गीत-२, लिखूं देश हित-२
कर दे पूरी मुराद मेरी माँ,,,,,
हँसता हुआ मनभावन चेहरा,,,,,
No comments:
Post a Comment