राज्य - छत्तीसगढ़
शीर्षक - सम लाया
मोबाइल - 9993819429
सम लाया ---
ऊंच नीच का भेद मिटाया,
मानव मे मानव को पाया,
समानता का संदेश गुंजाया,
"सम"जीवन मे वह सम लाया।
जाति कोई हो पंथ हो कोई ,
रीति, धरम, नीति हो कोई ,
मानवता मे देखा हमने,
हर प्रीति यही थी समाई।
सबको हमने गले लगाया,
"सम"जीवन मे वह सम लाया।
अंधियारा भी मिटा सभी था,
दीन हीनता छंटा सभी था,
नहीं अशिक्षा की बेला थी,
ज्ञान दीप से ढला सभी था।
कैसा वृहद् जीवन को पाया,
"सम"जीवन में वह सम लाया।
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--- संतोष श्रीवास्तव "सम"
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