Sunday, March 29, 2020

असम से विनय कुमार 'बुद्ध' की रचना- इतनी शक्ति दो माँ

कवि: विनय कुमार 'बुद्ध'
शीर्षक: इतनी शक्ति दो माँ
राज्य: असम
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संकट आन पड़ी है,
मैय्या से आस बड़ी है,
हिम्मत न हम हारें,
इतनी शक्ति दो माँ ।

जग पे भारी करोना,
जल्दी आ देर करो ना,
हम सब हैं तैयार,
साथ सभी का दो माँ।

घर से पूजा करेंगे,
बाहर न निकलेंगे,
वादा किया वतन से,
मुझको माफी दो माँ।

जो अपनों से है दूर,
मिलने को मजबूर,
रहें सुरक्षित सारे,
ऐसा ही वर दो माँ ।
     ✒ *विनय कुमार 'बुद्ध', न्यू बंगाईगांव, (असम), 

17 comments:

  1. कॉरोना वैश्विक महामारी जैसे ज्वलंत मुद्दे पर अत्यंत सहज तरीके से रचित ये पंक्तियां आत्मसंकलप और संयम को बता रही। उत्कृष्ठ रचना

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    1. प्रतिक्रिया के लिए हृदयतल से आभार

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  2. बहुत सुन्दर रचना है ❤❤❤❤❤

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  3. बहुत सुन्दर रचना है.....महाशय !

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