शीर्षक - सब ठीक हो जाएगा यारों
राज्य - रुद्रप्रयाग उत्तराखंड
कुदरत के ढाए इस कहर की क्या कहें यारों
बीमारी से तड़पते हर नगर की क्या कहें यारों
हर एक मुसीबत से लड़ते देखा था लोगों को
मुसीबत से बड़ी इस गदर की क्या कहें यारों।
रोज कुछ अच्छा सुनने को बेचैन हर शख्स
रोज आती डरावनी खबर की क्या कहें यारों।
सूनी पड़ी सड़कों पर जानवर उतर आए हैं
वीरान से पड़े इन शजर की क्या कहें यारों।
हर चीज को छूने पर लग रहा है डर शक से
चारो जहां फैले इस जहर की क्या कहें यारों।
रातों सो जाते उम्मीद से कि कल ठीक होगा
और खौफ लाती नई सहर की क्या कहें यारों।
हर शख्स के खैरत की दुआ मांगता 'सिंधवाल'
तूफां थमने पे खुशी के मंजर की क्या कहें यारों।
संदीप सिंधवाल
Nice
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