Wednesday, March 11, 2020

बिहार से कंचन प्रभा की रचना- पतंग

नाम -कंचन प्रभा
राज्य- दरभंगा बिहार 
शीर्षक- पतंग

             *पतंग*


आज किसकी पतंग कब कट जाये
 ये खबर नही होती
बिन आत्मा शरीर मे जिन्दगी
 की बसर नही होती।

क्या कहूँ कि इस 
पतंग के किस्से किस तरह के 
उड़े आसमां में 
कभी तो कभी गिरे धरती पर कट के ।

कभी किसी खंभे पर लटके
कभी लिपटे पेड़ों के ऊपर
आँख मिचौनी खेले खेल
पत्तों के झुरमुट में छुप छुप।

जीवन भी होता है ऐसा
पतंग किसी की काटे कोई
कभी कभी होता है ऐसा
किसी को खुशियाँ बाँटे कोई।

कंचन प्रभा

6 comments:

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...