राज्य राजस्थान
निवासी - नाथूसर ,बीकानेर
कविता का शीर्षक- कोरोना वायरस
मोबाइल नम्बर 8949410152
कुदरत से टकराया मानव
दर्पण उसको दिखा दिया
एक विषाणु ने पलभर में
सारी धरा को हिला दिया
त्राहि माम मची है जग में
लोग डर रहे जंजालों में
शिवजी छोड़ शिवालय
आए आज अस्पतालों में
आदमी आज आदमी से डरने लगा
मानवी को छूने से मानवी मरने लगा
हल्के में मत आंको, तूफानी हालात है
घरों में रहो ,बाहर जहरीली बरसात है
मौत ने ताण्डव मचाया
बिलखता हर शहर है
मातम का मंजर छाया
मानवता पर कहर है
इस चीनी आफत से जिन्दगी बचाइए
जिन्दगी है जंग में जरा संभल जाइए
मुश्किलों में हौसलों से मिलती मंजिले
कोरोना से वतन को जंग जीताइए
मुसाफ़िर व मुसाफिरी से बचने का वक्त है
करीब मत आओ अभी फासलों का वक्त है
सब्र कर बंदे अभी तो मुश्किलों का वक्त है
घरों में रहो दोस्तों एहतियात का वक्त है
हवा हुई जहरीली दरवाजा मत खोलो
सांसे हुई विषैली अभी सब कम बोलो
एहतियात का देखना असर हसीन होगा
उपहार में हम को जीवन नसीब होगा
कवि बजरंग दान चारण
नाथूसर बीकानेर
Nice bajrang g
ReplyDeleteअति सुंदर, चारण सर
ReplyDeleteWow guruji 👏👏👏👏
ReplyDeleteबहुत शानदार
ReplyDeleteअति सुंदर गुरुजी ।
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