क्षेत्र - दरभंगा (बिहार)
शीर्षक- हाय रे कोरोना
कोरोना, कोरोना, कोरोना
आज देश में
इसी रोग का है रोना।
चीन तूने हाय,ये क्या किया
जान गवाया कितनो ने
जहरीले वायरस को फैलाकर
ये किस अंजाम का सिला दिया।
कितने घर और परिवार
उजाड़ दिए तूने
एक बार भी सिरहन न हुई तुझे
सभी को मौत की नींद सुलाया तूने ।
ये कैसी कसम तूने खाई है
सारे देश में लॉकडाउन कराकर
पूरे देश पर आज विपदा अाई है
घर बैठे प्राथना करना है
जान बचे सभी की
मोदी जी के उपदेश पर चलकर
इस कोरोना को भगाना है
इस कोरोना को भगाना है ।
आज भारत को फिर,
इस संकट से छुड़ाना है
घर पर रहना , निकलना न बाहर
इसी नारा को
जन-जन में फैलाना है
जन-जन में फैलाना है।
अमृत बनकर ये उपदेश,
सभी की जान बचाएगा
तभी तो देश हमारा
इस कोरोना को मार भगाएगा ।
कोरोना को नष्ट कर
फिर हर देश से आगे
भारत ही नजर आएगा
भारत ही नजर आएगा ।
हाय रे कोरोना
तू हाथ मलता ही रह जाएगा ।
कुमारी आरती
दरभंगा,बिहार
सुंदर कविता
ReplyDeleteBahut a6a....
ReplyDeletevery nice poem
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