Thursday, March 5, 2020

उत्तराखण्ड से संदीप सिंधवाल की रचना- होली के रंग

रचनाकार - संदीप सिंधवाल
शीर्षक - होली के रंग 
राज्य - रुद्रप्रयाग उत्तराखंड 
संपर्क - +67578227763 


किस रंग में रंगू अपने जीवन को
हर रंग में यहां खुशहाली है।

पीले वासंती सा महकाऊं
पहन के पीत वस्त्र प्रभु में समाऊं।
हरी हरियाली सा लहराऊं
आंखों में शांति की रोशनी जगाऊं।

लाल गुलाल सा बिखराऊं
मीठे बोल से प्रेम भाषा को अपनाऊं
केसरी सुगंध सी उड़ाऊं
वतन के लिए बलिदानी भाव जगाऊं।

नीली स्याही सा घुल जाऊं
अपना नाम भी इतिहास में लिखाऊं
सफेद दूध सा छलकाऊं
जिंदगी को सादगी और सच बनाऊं।

भूरी मिट्टी सा बन जाऊं
भूखे पेटों के पालन का अन्न उपजाऊं
काले अंधेरे को चीर आऊं
पापी कुकर्मी चहरों पे काली पोत आऊं।

हर रंग में उत्सव मनाऊं
हर रंग से मैंने अपनी जिंदगी धो ली है
खुशहाली से हृदय लगाऊं
रंगू तुम्हे तो बुरा ना मानो होली है।

संदीप सिंधवाल

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