Friday, March 20, 2020

छत्तीसगढ़ से चेतन सिंह की रचना- स्वास्थ्य के प्रहरियों,जागो

कवि - चेतन सिंह 
पता - कसडोल , छग
संपर्क - 9202507146
 *स्वास्थ्य के प्रहरियों,जागो .............* 
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कोरोना   वायरस  की ये  कैसी  वैश्विक महामारी  है ।
गरीब देश की तरह बेबस इटली, ये कैसी लाचारी है ।
चीन , अमेरिका , स्पेन , इरान आदि देश भी है असहाय,
सोचो ,   चिंतन   करो    ये   कैसी दुश्वारी है ।

सरहद पर जवान मुस्तैद रहते हैं सदा ,
कमर कसने की अब हमारी बारी है ।

सुनो स्वास्थ्य के ओ प्रहरी , कोरोना से जंग में ,
देश को विजयी बनाना, अब हमारी जिम्मेदारी है ।

सारे  रंज - शिकवे  मिटाकर आओ करें जतन ,
मुश्किल में वतन , मुश्किल में सांसे हमारी है ।

कितना वेतन , कितना काम ये भूल जाए अभी ,
मनन   करें   क्या   हमारी तैयारी है ।

सारे  स्कूल  , कालेज  , माल , मंदिर बंद ,
अंतर्मन से पूछिए ,  आफत कितना भारी है ।

हम सेवा के ऐसे सिपाही जो पीठ दिखा सकते नहीं ,
जो डरकर भागे , वतन से उनकी गद्दारी है ।

मुझे क्या अधिकार , मैं क्या करूं , न सोचो अभी ,
बस लोगों को बताते चलो , कोरोना क्या बीमारी है ।

अब काम के प्रति रहे हों वफादार चाहे जितना भी ,
अब मानवता , संवेदना दिखाने की बारी है ।

हमारे मित्र , हमारे घनिष्ठ हैं अभी उन क्षेत्रों में ,
क्या होगा , कैसे होगा ये सोच मेरा मन भारी है ।

शासन - प्रशासन के निर्देशों का नित पालन करें ,
कोरोना के कहर को रोकना हम सब की जिम्मेवारी है ।


वक्त मिलता नहीं सबको अपनी काबिलियत बताने का ,
मुझे मिला मौका ,ये जान मुझमें आई खुमारी है ।

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     एक स्वास्थ्य सेवक 
      चेतन सिंह क्षत्रिय
  ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक
           कसडोल

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