राज्य- उत्तराखण्ड
शीर्षक - "कोरोना "
पवित्रता से कोरोना मरेगा
भारत में फिर न ये पनपेगा।
प्रकृति ने संदेश सबको दिया है
सात्विकता में ही सबका भला है।
जितनी धरा ये पवित्र होगी
जिंदगी भी उतनी सुरक्षित रहेगी।
अस्वच्छता से ही वायरस निकलते
निर्मलता से असरहीन होते।
कोरोना नहीं है विनाशकारी
पवित्रता है सही समझदारी।
अधिकार सबका है इस धरा पर
सत्कार सबका हो पवित्र भू पर।
बचना जो चाहो कोरोना कहर से
जीवन सजा लो शुचिर्मति से।
समझो इशारे मां मेदिनी के
जीवन सुधारो मां अवनि में।
अध्यात्म का मार्ग सबके लिए है।
सन्मार्ग खुला नित सबके लिए है।
उद्देश्य सबका यही एक ही हो
ध्येय सबका सन्मार्ग ही हो।
Very good keep it up nice poetry
ReplyDelete