राज्य :- छत्तीसगढ़
संपर्क :- 99770-45540
शीर्षक :- हमने उनको बदलते देखा है ...
बदलते मौसम की क्या बात करें
हमने खुद उनको बदलते देखा है
जिनके पांव कभी जमी पर न थे
आज उन्हें नंगे पांव चलते देखा है !
रिश्तों में गिरावट की क्या बात करें
गिरगिट को रंग बदलते देखा है
कल तक जिनको दम भरते देखा था
उन्ही को आज नजर चुराते देखा है !
जो सपने देखते थे अफसर बनने का
उन्हें चपरासी तक बनते देखा है
दफ्तर का चक्कर काट काट कर
नौकरी के लिए गिड़गिड़ाते देखा है !
सफ़ेद उजले वस्त्र धारण कर जिन्हे
काले कारनामे भी करते देखा है
बदलते मौसम की क्या बात करें
हमने खुद उनको बदलते देखा है ।
मौलिक और स्वरचित - एस के नीरज
X-cellent
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