पता - श्रीमाधोपुर (सीकर) राजस्थान
मोबाइल - 9982393078
शीर्षक - क़र्ज़ (नज़्म)
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क़र्ज़
खड़ा था कुछ पल
उसी रास्ते पर
जहां तुम मुझे
छोड़कर गये थे
रोया था हर पल
तुम्हारे वास्ते,मगर..
कहाँ ये दिल
तोड़कर गए थे
तुम लौटे थे वापस
दुनिया से चेहरा छुपाकर
मालूम है...
मैंने सुना है घर से नकाब
ओढकर गए थे
पर तुमने जरा देर करदी
उस गली में,आने में
मुझे बहोत वक़्त लगा
नया रास्ता बनाने में
कुछ तुम्हारी बातें थी
जो मेरे कानों में
गूंजती थी...
कुछ तुम्हारी यादें
जो मेरी आँखें
मुंदती थी...
एक तुम्हारा अक्श था
जो मेरे जेहन में उतर
गया था...
और एक तुम्हारा झुमका
जो तुम्हारे कान से उतर
गया था
मैं छोड़ आया,सब कुछ
तुम्हारा...
उसी रास्ते के नुक्कड़ पर
मुझे पता था
भूले भटके ही सही
इक रोज,तुम आओगे
और मुझपर उधार था,जो
तुम्हारा कर्ज
तुम जरूर लेकर जाओगे
नाम - राहुल कुमावत (कवि,चित्रकार)
कारीगर कलम का
सुंदर वर्णन और अति सुंदर चित्रण
ReplyDeleteAwesome
ReplyDeleteFantastic ❤️
Awesome
ReplyDeleteNice sir
Thanks ji
DeleteHeart touching lines... Zindagi se Wasta rakhte hue
ReplyDeleteThanks ji
DeleteSuperb
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