राज्य- छत्तीसगढ़, जिला- बलौदा बाजार
शीर्षक- काव्य संसद् ऑनलाईन
मोबाइल- 7974389033
*काव्य संसद् ऑनलाईन*
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मै कवि हूं काव्य संसद् ऑनलाईन का।
कविता पीता रहा है असफल का जहर।
बैठा हूं शांत गांव के गली पर।
तारीफ नही अपनी कविता पर
फिर भी तालियों का बौछार।
हंसी मजाक करते-करते।
लिख डाला मैं कविता।
फिर भी बनाता है कवि।
अपने कविता का जयकार।
कितने ही पाठक का पहचान बना।
कवि काव्य संसद् ऑनलाईन का।
कविता देता है ज्ञान और मान।
कविता ने बनाया कितनों को महान।
प्राॅज,मधुर,परमानंद,माधवी बनकर।
बढ़ायेगे युवा साहित्य का मान।
कविता सिखाती सिख जीवन की।
कविता बढ़ा रही है मान।
कविता पाठ पड़ती देती सम्मान।
कवियों पर है मुझे अभिमान।
प्राॅज,मधुर,परमानंद,माधवी।
कवि काव्य संसद् ऑनलाईन का।
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परमानंद निषाद
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