राज्य - राजस्थान
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शीर्षक - संत रविदास
विधा-मुक्त
संत रविदास महान्, करें हम गुणगान,
माघ पूर्णिमा पावनी, प्रकटे भगवान। 1
जननी कलसा देवी, जनक संतोकदास,
पावन किया काशी को, दिए संदेश महान्। 2
प्रेम, दया, क्षमा, धैर्य, सौहार्द विश्व-बंधुता,
सत्यशील, समानता, बनाया गुणवान। 3
वर्ण-व्यवस्था को भूल, दूर किए तम-शूल,
मोह में ना फँस बंदे, त्याग दे अभिमान। 4
स्वावलंबन और परिश्रम का रख ध्यान,
विनय तथा सहज, भक्ति का देते ज्ञान। 5
लालच, द्वैष और बैर भाव से रहो दूर,
ऐसे निर्मल हृदय में बसे भगवान। 6
ना छोटा और ना बड़ा, नहीं जन्म से कोई,
कर्म से बने रावण, कर्म से बने राम। 7
सहज साधना साध, धर ले हरि का ध्यान।
मन को निर्मल कर, देख ले भगवान। 8
बजरंग लाल सैनी वज्रघन
आभार
ReplyDelete👌👌👌👌👌👌
ReplyDeleteShandar ji
ReplyDelete👌👍
ReplyDeleteधन्यवाद जी
ReplyDeleteSo much guru
ReplyDeleteVery nice
आपका बहुत बहुतआभार 🙏🙏🙏🙏🙏🙏
ReplyDeleteबहोत खूब सर
ReplyDeleteVery very nice sir ji
ReplyDeleteVery very nice sir ji
ReplyDeleteGreat
ReplyDeleteअति सुन्दर
ReplyDeleteबहुत सुंदर
ReplyDeleteUltimate Guru
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