राज्य-मध्य प्रदेश(देवास)
रचना-क्षणिकाऐ
सम्पर्क-982666857
क्षणिकाऐ
(1))यूही यदी
घटती रहेगी
बेटियाँ
अपने लाड़लो को
बहु क्या तब
लाओगे
विदेश से
(2)
रक्षा बंधन को
पुत्र ने
माँ-बाप से
बहन की
इछ्छा रखी
माँ-बाप की
पुत्र रूपी
संतुष्टी को
पुत्र ने ही
गम मे
बदल डाली
कुन्दन पाटिल देवास
बहुत बढ़िया महाशय जी।
ReplyDeleteदिल को छू गया।
Nice papa
ReplyDelete