Wednesday, January 15, 2020

छत्तीसगढ़ से डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर" की रचना- विवेकानंद दुलारा है

कवि - डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर"
शीर्षक - विवेकानंद दुलारा है
राज्य - छत्तीसगढ़ 

विवेकानंद दुलारा है

भारत माँ के लाल ने,हम सबको पुकारा है।
जिस मिट्टी में जन्मा,उस का कर्ज उतारा है।

बचपन का वो नरेन्द्र ,सेवा का अलख जगाया है।
परमहंस का शिष्य,विश्व में नाम कमाया है।

हर वर्गों को जिसने,समता की बात बताया है।
भारत का वह शान,प्रेम का दीपक जलाया है।        

राष्ट्रहित में काम किया, वही सबका प्यारा है।
युवा पीढ़ी का लाड़ला, विवेकानंद दुलारा हैं।

जागो उठो रुको नहीं,ऐसा जोश दिलाया है।
संत विवेकानंद ने,मंजिल की राह बताया है।
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रचनाकार डीजेन्द्र क़ुर्रे “कोहिनूर”

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