शीर्षक- स्वामी विवेकानंद
राज्य-छत्तीसगढ़,जिला-महासमुंद
माँ भारती की भाल को ऊँचा किया जिसने।
सपूत था नरेंद्र,ओजस्वी भाषण दिया उसने।
वेदों का ज्ञानी,युवा धडकनों की शान है।
युग पुरुष विवेकानंद से ही,मेरा भारत महान है।
कोटि वंदन धरा के सच्चे शूर वीर को।
गुरु रामकृष्ण के शिष्य नरेंद्र शमशीर को।
युवाओं के प्रेरणास्त्रोत,स्वामी विवेकानंद नाम।
आत्मज्ञानी,साहस का प्रतिरूप युगप्रवर्तक करूँ गुणगान।
उठो,जागो और आगे बढ़ो,जब तक पथ न सरल हो।
बदलो नजारे,जब तक नजारे हमेशा नवल हो।
धर्म संसद में युवा सन्यासी ने विश्व को सार बताया था।
सनातन धर्म की महत्ता के साथ,भारत का मान बढ़ाया था।
युवा शक्ति का अग्रदूत,राष्टधर्म का संवाहक था।
युग दृष्टा भारत भारती का सपूत विवेकानंद जननायक था।
सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"9
हिंदुत्व और सनातन धर्म के ध्वजवाहक स्वामी विवेकानंद को नमन
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