Monday, January 6, 2020

छत्तीसगढ़ से सुश्री नलिनी बाजपेयी की रचना- स्वागत

नाम - सुश्री नलिनी बाजपेयी
शीर्षक - स्वागत
राज्य -- छत्तीसगढ़

                     स्वागत
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स्वागतम स्वागतम कर रहे है,
प्रकृति तुम्हारा,
अभिनन्दन हर बार।

हम कृत कृत्य हुए पाकर 
तुम्हारा प्यार,
शत-शत नमन करूं, 
पखारू चरण हर बार।

नव सुमन नव किरण 
सब में छिपा तुम्हारा उपकार,
नव प्रभात की नव किरण सब 
तुमने हम पर दिया वार।
नव पवन नव नमन से 
तुम्हारा करे वंदन और श्रृंगार,।

तुम्हारा हर रूप में हम तन मन धन कर दे अर्पित,
सुर तान लय से वंचित,
केवल सेवा भाव तुम्हें समर्पित।

मंजु माला,सुमन सुरभि से हम 
सुवासित और गर्वित,
तुमने सब कुछ दिया 
कैसे उऋण हो,हम है हर्षित,

आपका अभिनन्दन वंदन ,
नमन करे बार-बार।
अभिनन्दन

धरा हरीतिमा,निरभ्र नभ से 
उडुगन बिखरने लगे,
गगन में सूर्य चन्द्र विचरने लगे।

तरु,तरणी, पादप,पर विहंग 
उड़ान भरने लगे,
संगीत के सातों तार 
स्वागत-उदघोष करने लगे,

कुसुमित कामना,सुरभित 
साधना लेने लगा आकार,
हर्षित, प्रमुदित, भावनाएं सब 
स्वागत में करने लगा हुंकार।

स्वागतम स्वागतम कर रहे है,
प्रकृति तुम्हारा ,
अभिनन्दन हर बार।

  नलिनी बाजपेयी
संबलपुर,कांकेर( छ. ग.).

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