शीर्षक- मैं बेटी हूँ
राज्य- छत्तीसगढ़,जिला-महासमुंद
मोब.- 810353565
मैं फूल से कोमल कली हूँ ।
घर रोशन करूँ मैं खुद जली हूँ।
मैं अपने पापा की लाडली परी हूँ।
मैं ज्योत की सी रंगीन लड़ी हूँ।
प्रेम,दया,विश्वास की मैं खान हूँ।
भाई के लिए गीत तो बहन का गान हूँ।
मैं माँ की मान,पिता का अभिमान हूँ।
मैं बेटी ही तो दो कुलों का सम्मान हूँ।
मैं सीता सी पवित्रता की द्रोणी हूँ।
मैं राधा सी प्रेम की उत्तम श्रेणी हूँ।
सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
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