झंझारपुर, मधुबनी बिहार
शीर्षक : नये साल का स्वागत
कैसे आया साल कैसे बीत गया,
सुख-दुख आने को तैयार,
द्वार फूलों से सजा तो अब लीजिये,
नये साल का स्वागत तो कर
लीजिये ।
क्या किया क्या नहीं किया,
अच्छा-बुरा सब मोल लिया,
अब बारी है चिंतन करने की,
आइये मूल्यांकन तो कर
लीजिये ।
नये साल का स्वागत तो कर लीजिये ।
न दिल किसी का टूटे,
ना रब किसी से रूठे,
राह में मिले जो साथी,
दो मीठे बोल तो बोल
लीजिये,
नये साल का स्वागत तो कर लीजिये ।
नर-नारी सबका सम्मान करें,
खुद पर न कभी अभिमान करें,
बच्चों को प्यार, बुजुर्गो का मान करें,
बीते साल के बीते पल को याद तो कर लीजिये ।
नये साल का स्वागत तो कर लीजिये ।
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डॉ.संजीव शमा
रतुपार,झंझारपुर,
मधुबनी, बिहार
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