Tuesday, December 3, 2019

छत्तीसगढ़ से हसीना साहू की रचना- एक कदम बेटी सुरक्षा की ओर

नाम- हसीना साहू
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय-*एक कदम बेटी सुरक्षा की ओर*
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आज पिता क्यों घबराए,
बेटी के जन्म होने से।
उन्हें फिक्र ये नहीं,कि बेटी को पढ़ाएगा कैसे,
उसकी शादी कराएगा कैसे,
फिक्र इस बात की है,कि उसे दरिंदों से बचाएगा कैसे।

मेरा देश हैवानियत का ठिकाना न बन जाए,
चोट सहते - सहते अपाहिज न‌ हो जाए,
सुरक्षा के नाम पर  बेड़ियां क्यों हमेशा बेटियों के पैरों में, 
अरे! बेड़ियों के असली हकदार तो वे दरिंदे हैं,
जिन्हें इन्सानियत का मतलब ही पता नहीं।

क्यों अकेले जाने से डर लगे,
हर बार "निर्भया" की याद आने लगे।
कभी दिल्ली, कभी हरियाणा, कभी हैदराबाद,
कहीं24वर्ष, कहीं 10वर्ष,
जिसने हैवानियत कहना भी न सीखा वो 8  महीने की बच्ची,
महज़ आंकड़े बदले  हैं,
वो हादसे तो आज भी हरे हैं।

जब कोई पिड़ीता यूं ही फेंक दी जाती है सड़कों पर,
हमारे लोग व्यस्त होते हैं,
फोटो लेने, विडियो बनाकर व्हाट्स ऐप, फेसबुक पर डालने में।
एक बार फिर इज्ज़त उछालने में,
न्याय व्यवस्था से विश्वास न उठ जाए,
दरिंदों के लिए रहमदिली न दिखाएं,
बेटियों को आत्मरक्षा हेतु प्रबल बनाएं,
नहीं तो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नाटक बन्द कराएं।

अपनी सुरक्षा हो अपने हाथ में,
ज़रूरत न पड़े अजनबियों के साथ की,
दरिंदों की रुह कांप जाए,
बस  इस बार ऐसी सज़ा सुनाई जाए।

             धन्यवाद।
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10 comments:

  1. Sabki soch kuchh aisi ho jaye, har ek pidita ko insaaf mil jaye...
    Koi dar kar sahmi n rah jaye,
    Apnehak ki ladai k liye sab aage aaye...

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  2. मार्मिकता से दर्शाई गई व्यथा शानदार
    कुमार तनसुख

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  3. Nice
    मेरी बिटिया मेरा अभियान

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