Monday, December 16, 2019

छत्तीसगढ़ से गजेन्द्र द्विवेदी गिरीश की रचना- हो जाता है

नाम: गजेन्द्र द्विवेदी गिरीश
राज्य: छत्तीसगढ़ (भिलाई 3)
संपर्क: ७०००८५८५८८
शीर्षक: हो जाता है!!

आँख मूंद लेने से सबकुछ,
अच्छा नहीं हो जाता है!
चीख चीख कहने से झूठा,
सच्चा नहीं हो जाता है!१!

कैसे बताएं तुम्हे समझ के, 
फेर की अजब कहानी,
कर देता जो शीलभंग, 
वो बच्चा नहीं हो जाता है!२!

सुनते सुनते पके कान पर,
नियत ना बदले भाई! 
आये मूंछ भले भतीजे के,
चच्चा नहीं हो जाता है!३!

गिरते हैं हम उसी खोह में,
जिसमें पिस जाती जवानी!
आँख नहीं खुलती है जबतक,
गच्चा नहीं हो जाता है!४!

आस छोड़कर चमत्कार की, 
बात धरातल पर हो,
ठोस रही मंशा गिरीश तो, 
कच्चा नहीं हो जाता है!५!

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