शीर्षक- आजकल के पति-पत्नी
राज्य- छत्तीसगढ़,जिला-महासमुंद
मोब.- 8103535652
आजकल के पुरुष क्या गजब ढा रहे हैं।
पत्नी को मायके छोड़ खुशियां मना रहे हैं।
पत्नी को भूतनी, डायन बुला रहे हैं।
और पड़ोसन को डार्लिंग बुला रहे हैं।
और तो और पत्नी मायके से फोन करे तो।
फोन काटने को बीमार होने का बहाना बने रहे हैं।
फिर पड़ोसन से घंटों घंटों तक बतिया रहे हैं।
पत्नी मायके से आये तो पेट खराब होने का बहाना बना रहे हैं।
बाथरूम में बैठ के घंटों बतिया रहे हैं।
अब तो पुरुष बहुत ही गजब ढा रहे हैं।
व्हाट्सएप्प,फेसबुक से घण्टों बतिया रहे हैं।
आजकल की महिलायें भी गजब ढा रहीं हैं।
पुरुषों को बंदर नाच नचवा रहीं हैं।
जो किचेन में बिताए आधी लाइफ है।
लेकिन वो तो करती बातों ही बातों में सर्जिकल स्ट्राइक है।
सास बहू के सीरियल देख,पति का सिर घुमाती है।
मायके की बुराई सुन ली तो,काली का रूप दिखाती है।
जब से व्हाट्सएप का जमाना आया है।
पत्नी ने अपनी अष्टभुजी रूप दिखाया है।
पति को मायके जाने के लिए यूँ मनाया है।
गर ना माने तो फिर घर को सिर में चढ़ाया है।
फोन में ये भी कम बिजी नहीं रहते हैं।
ससुराल की एक एक बात मायके में कहते हैं।
पति पत्नी तो एक सिक्के के दो पहलू हैं
एक चला दूसरा रुका तो जीवन कठिन है।
पति चुपचाप चले तो पत्नी दौड़ती मशीन है।
दोनों में सूझ बुझ तो जीवन बहुत हसीन है।
ये तो हर घर की ही कहानी है।
मधुर ने जैसे देखा वो उसकी जुबानी है।
सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
Truly Very nice, well done bro.
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