नाम -डॉ पूनम झा
राज्य - बिहार
शीर्षक - आसमां
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आसमां
आसमान में सिर उठाकर
घने बादलों को चीरकर
रोश्नी का संकल्प लें
अभी तो सूरज उगा है।
दृढ़ निश्चय के साथ चल
हर मुश्किल को पारकर
घोर अंधेरे को मिटाने
अभी तो सूरज उगा है ।
विश्वास की लौ जगाकर
विकास का दीपक लेकर
सपनों को साकार करने
अभी तो सूरज उगा है ।
न अपना न पराया
न मेरा न तेरा
सबका तेज बनकर
अभी तो सूरज उगा है ।
आग को समेटते
प्रकाश को बिखेरता
चलता और चलाता
अभी तो सूरज उगा है ।
विकृति ने प्रकृति को दबोचा
अपनों से ध्वस्त होती आज
कल बचाने और बनाने
अभी तो सूरज उगा है ।
ःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःः
डॉ पूनम झा
दरभंगा, बिहार
सुन्दर 👌👌
ReplyDeleteAwesome👏✊👍 poetry
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