राज्य - झंझारपुर, बिहार
मैथिली रचना
शीर्षक -
अपन नेनपन आ गाम
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राति सपनामे नाचय लागल अपन नेनपन आ अपन गाम,
दुपहरियाक रौद आ पिपैर तर
ओ छाहरि ओ सनगर आराम ।
दलान पर रोजाना सांझु पहर गान बजानक रहय धुमसाहि,
टोलक बहुरिया केर जमघटमे कजरिक तान धियाक पसाहि ।
अँगनामे बहैत भोरुका बसात भोरु पहरक ओंघाइत रौद आइर - धुर पर शरदक ओस, चानी सन रूपक मस्त संजोग ।
वसंतक आभास करबैत मोन कोयलक रसगर पंचम तान ,
मोन केँ तृप्त करैत नव-नव पल्लव नव पल्लव केर विधान ।
बोली केर मिठास,भाषा केर लाड़ पियार
हमरे गाम सन होयतै जँ सगरो संसार ।
हे ! निहोरा करय छी चलय चलु अपना गाम दिस एक बेर
एखनहुँ ओहिना बाँचल अछि माइक ममता,बाबा दादी केँ दुलार ।
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@डॉ.संजीव शमा
झंझारपुर, बिहार
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