Thursday, December 12, 2019

बिहार से कंचन प्रभा की रचना- हिमालय

नाम-कंचन प्रभा
राज्य- दरभंगा,बिहार 
शीर्षक-हिमालय
         
         *हिमालय* 
 
अरमां है कि चढू कभी
मै भी खड़े हिमालय पर 
धीरे-धीरे बढू कभी
इस पवित्र शिवालय पर 

आँचल ओढ़े आसमां का
चुनर सुनहली धानी में 
भारत का सिरमौर है ऐसा
डिगे ना आन्धी पानी में 
दिल करता है घर बना कर
रहूँ गिरिराज आलय पर 
अरमा है कि चढू कभी
मै भी खड़े हिमालय पर 

पवन के झोंके चूमे इसको 
वर्षा भी नहलाती है
दुश्मन से ये रक्षा करे
हिन्द प्रहरी कहलाती है
करूँ नमन पूजन भी
कभी इसी देवालय पर 
अरमा है कि चढू कभी
मैं भी खड़े हिमालय पर 

*कंचन प्रभा*
*दरभंगा बिहार*

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