कवि~शंकर गोयल
शीर्षक~चुनाव
राज्य~छत्तीसगढ़
संपर्क~7000484610
शीर्षक~चुनाव
राज्य~छत्तीसगढ़
संपर्क~7000484610
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~||~~~~~~
*चुनाव*
आ गया चुनाव है
मन में भटकाव है ।
देश में चुनाव है ,.
बिक रहा गांव है।।
जन मन का जनहित से ,
हो रहा दुराव है।।
लालच में डूबे लोगों का,
आपस में हो रहा जुड़ाव हैं।
आ गया चुनाव है,
गांव शहर के विकास की गति
में हो गया ठहराव है।
जनता की भीड़ का ,
किस तरफ झुकाव है
लगाव है, अलगाव है ,
आ गया चुनाव है।
नेता हाथ जोड़े नतमस्तक,
घूमे गांव-गांव हैं ।
मत मतदान पेटी में बंद ,
नेताजी के चेहरे में तनाव हैं।
ऊंट किस करवट बैठेगा
इस पर लग रहा दाँव है ,
आ गया चुनाव हैं ,
मन में भटकाव हैं
रचनाकार ✍-शंकर गोयल
*चुनाव*
आ गया चुनाव है
मन में भटकाव है ।
देश में चुनाव है ,.
बिक रहा गांव है।।
जन मन का जनहित से ,
हो रहा दुराव है।।
लालच में डूबे लोगों का,
आपस में हो रहा जुड़ाव हैं।
आ गया चुनाव है,
गांव शहर के विकास की गति
में हो गया ठहराव है।
जनता की भीड़ का ,
किस तरफ झुकाव है
लगाव है, अलगाव है ,
आ गया चुनाव है।
नेता हाथ जोड़े नतमस्तक,
घूमे गांव-गांव हैं ।
मत मतदान पेटी में बंद ,
नेताजी के चेहरे में तनाव हैं।
ऊंट किस करवट बैठेगा
इस पर लग रहा दाँव है ,
आ गया चुनाव हैं ,
मन में भटकाव हैं
रचनाकार ✍-शंकर गोयल

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