Thursday, November 14, 2019

राजस्थान से पवन गौतम की रचना- प्रित

नाम रचनाकार-पवन गौतम
बमूलिया बृजराही
सम्पर्क--9116488506
राज्य--राजस्थान
विषय-प्रीत
-----------------
प्रीत
******
आइये न मेंरे प्रीत जहाँ
पर पहले हम मिले थे...
अनन्त अनन्त जन्मों पूर्व !
तब कहा था न मिलेंगें
कभी.......

यही किसी तरह चाँदनी की
रोशनाई में देखना मुझे,,
हाँ !मेंने देखा!
तुम कहाँ मिले ??
नही मिले,,?
मैं ढूँढता रहा....
बिन्दु तलक ....
क्षितिज तलक..??

कहा  था न  मिलेंगे..
संध्याकाल की
अंगडाई में देखना मुझे....
हाँ !मेंने देखा ....!
तुम कहाँ मिले..??
नही मिलें...?
मेंने खोजा....
शाम तलक ...
भोर तलक  ??

कहा था न प्रिये
मिलेंगे...
वैवस्वत मार्तन्ड की
तरूणाई मे देखना मुझे
हाँ हाँ !मेंने देखा ...!
कहाँ मिले..??
नहीं मिले...?
मैने खोजा..
समष्टि तलक...
व्यष्टि तलक ??

कहा था न मिलेंगे..
निर्झर कलरव के समीप
आशनाई में देखना मुझे..
प्रिये !मेंने देखा..
कहाँ मिले..??
नही मिले...?
मेंने खोजा..
जन्मों तलक..
कायनात तलक..??

नही नहीं नहीं मिले ????
मेंने ढूँढ़ा....
सामीप्य तलक...
दूर  तलक   !!!!
----------------
कवि व गीतकार
पवन गौतम बमूलिया

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...