Thursday, November 14, 2019

छत्तीसगढ़ से गजेंद्र द्विवेदी की रचना - मनुष्य

नाम - गजेंद्र द्विवेदी ^गिरीश^
राज्य - छत्तीसगढ़ (भिलाई 3)
संपर्क - 7000858588
शीर्षक - मनुष्य

जब भी जाता हूँ गाँव मैं,
तो मिलते हैं अक्सर,
गायों के झुण्ड!
जो एक ही हांक में,
हो जाते हैं एक तरफ कोने में,
बिना किसी तर्क के!!

उन्हें पता होता है,
इन पथरीले उबड खाबड़,
धुल से भरी राहों में,
“जहाँ बिना सुरक्षा के वो विचर रहे हैं”,
केवल वही हांकने वाला,
उनकी सही देखभाल कर सकता है!!

तो आओ हम मनुष्य होकर,
पहचान करें अपने प्रणेता की!
जिसके वचनों को हम अंगीकार कर सके,
बिना तर्क के!
और अनुसरण करें,
पूर्ण निष्ठा के साथ शत-प्रतिशत!

तभी शायद हम,
मर्यादा की एक नयी गाथा का,
सृजन होता देख पायेंगे!
नए उपमान गढ़ पायेंगे!
आओ मिलकर कोशिश करें,
मनुष्य होकर मनुष्य बनने की!!

करेंगे ना!!
जय श्री राम

(C) गिरीश

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