Monday, November 18, 2019

छत्तीसगढ़ से गजेंद्र द्विवेदी गिरीश की रचना- पी रहा हूँ मैं

नाम गजेंद्र द्विवेदी गिरीश
राज्य छत्तीसगढ़ भिलाई 3
संपर्क 7000858588
शीर्षक - पी रहा हूँ मैं


कभी ख़ुशी में कभी गम में, पी रहा हूँ मैं!
इस तरह मौत से लड़कर, जी रहा हूँ मैं!!
हर तरफ शोर का आलम है, बदगुमानी है,
सच को भी ताले में जड़कर, पी रहा हूँ मैं!!
मुंह बाँधना है तो बुरी बातों को रोको तुम,
बेखबर, नए धागों से बंधकर, पी रहा हूँ मैं
लोगों ने बिछाकर रखे जाल तरह तरह के,
जानता हूँ सब मगर फंसकर, पी रहा हूँ मैं
बहाने रोज नए बनाते हैं फसादी तो यहाँ,
चुनौतियों में फिर भी पड़कर, पी रहा हूँ मैं
किसे पता है सांस कबतक चलती रहेगी,
चंद कदम खुद ही बढकर, पी रहा हूँ मैं!!
तेरे हिसाबों की गिरीश को नहीं है परवाह,
जीने की नयी कहानी गढ़कर, पी रहा हूँ मैं!!
(C) गिरीश

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