नाम-दिनेश चंद्र प्रसाद "दीनेश"
राज्य-पश्चिम बंगाल
मोबाईल-9434758093
विधा- कविता
शीर्षक -"चक्कर"
राज्य-पश्चिम बंगाल
मोबाईल-9434758093
विधा- कविता
शीर्षक -"चक्कर"
पाप निन्यानबे को सौ
सौ को हजार
हजार को लाख
और लाख को और आगे
बढ़ाने के चक्कर में
ये भूल गए हैं कि
मेरी टयूशन बन्द है
राजू को स्कूल में
भर्ती कराना है
माँ फटी साड़ी
पहनती है
दादा जी
एक धोती में
आधा पहनते हैं
आधा ओढ़ते हैं
और पापा
उनकी तो बात ही
निराली है
वे स्वयं वातानुकूल
रेस्तरां में अपनी
निजी सहायिका
के साथ
कॉफी पीते हैं
दिनेश चंद्र प्रसाद "दीनेश" कलकत्ता
सौ को हजार
हजार को लाख
और लाख को और आगे
बढ़ाने के चक्कर में
ये भूल गए हैं कि
मेरी टयूशन बन्द है
राजू को स्कूल में
भर्ती कराना है
माँ फटी साड़ी
पहनती है
दादा जी
एक धोती में
आधा पहनते हैं
आधा ओढ़ते हैं
और पापा
उनकी तो बात ही
निराली है
वे स्वयं वातानुकूल
रेस्तरां में अपनी
निजी सहायिका
के साथ
कॉफी पीते हैं
दिनेश चंद्र प्रसाद "दीनेश" कलकत्ता

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