Wednesday, November 6, 2019

दिल्ली से चंद्रमणि मणिका की रचना- बदनसीब

नाम- चंद्रमणि मणिका
राज्य- दिल्ली
मोबाइल नंबर-
शीर्षक- *बदनसीब*


कर याद जिसे दिल भर आये ।
जिसके लिए कुछ भी कर जाये ।
समझें मेरे भाव न ऐसा कोई ।
बदनसीब न मेरे जैसा कोई ।
रंग - रूप दिखाई देता है ।
नहीँ राग सुनाई देता है ।
सुने मन की बात न ऐसा कोई ।
बदनसीब न मेरे जैसा कोई ।
कहने को सब कुछ पास मेरे ।
कुछ पल बन बैठे ख़ास मेरे ।
दुःख के पल बाँटे न ऐसा कोई ।
बदनसीब न मेरे जैसा कोई ।
सुख की छायाँ में आ बैठे ।
संग प्रीत समझ हम जा बैठे ।
ये रीत निभाले न ऐसा कोई ।
बदनसीब न मेरे जैसा कोई ।
नक़ाब कई चेहरों पर है ।
उनकी रौनक जोरों पर है ।
पहचान सकूँ न ऐसा कोई ।
बदनसीब न मेरे जैसा कोई ।
अपनी बातें अपने अंदर ।
दर्द की नदियाँ अथाह समंदर ।
गाए वो गीत न ऐसा कोई ।
बदनसीब न मेरे जैसा कोई ।
चंद्रमणि 'मणिका'
      दिल्ली

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...