नाम- चंद्रमणि मणिका
राज्य- दिल्ली
मोबाइल नंबर-
शीर्षक- *बदनसीब*
राज्य- दिल्ली
मोबाइल नंबर-
शीर्षक- *बदनसीब*
कर याद जिसे दिल भर आये ।
जिसके लिए कुछ भी कर जाये ।
समझें मेरे भाव न ऐसा कोई ।
बदनसीब न मेरे जैसा कोई ।
जिसके लिए कुछ भी कर जाये ।
समझें मेरे भाव न ऐसा कोई ।
बदनसीब न मेरे जैसा कोई ।
रंग - रूप दिखाई देता है ।
नहीँ राग सुनाई देता है ।
सुने मन की बात न ऐसा कोई ।
बदनसीब न मेरे जैसा कोई ।
नहीँ राग सुनाई देता है ।
सुने मन की बात न ऐसा कोई ।
बदनसीब न मेरे जैसा कोई ।
कहने को सब कुछ पास मेरे ।
कुछ पल बन बैठे ख़ास मेरे ।
दुःख के पल बाँटे न ऐसा कोई ।
बदनसीब न मेरे जैसा कोई ।
कुछ पल बन बैठे ख़ास मेरे ।
दुःख के पल बाँटे न ऐसा कोई ।
बदनसीब न मेरे जैसा कोई ।
सुख की छायाँ में आ बैठे ।
संग प्रीत समझ हम जा बैठे ।
ये रीत निभाले न ऐसा कोई ।
बदनसीब न मेरे जैसा कोई ।
संग प्रीत समझ हम जा बैठे ।
ये रीत निभाले न ऐसा कोई ।
बदनसीब न मेरे जैसा कोई ।
नक़ाब कई चेहरों पर है ।
उनकी रौनक जोरों पर है ।
पहचान सकूँ न ऐसा कोई ।
बदनसीब न मेरे जैसा कोई ।
उनकी रौनक जोरों पर है ।
पहचान सकूँ न ऐसा कोई ।
बदनसीब न मेरे जैसा कोई ।
अपनी बातें अपने अंदर ।
दर्द की नदियाँ अथाह समंदर ।
गाए वो गीत न ऐसा कोई ।
बदनसीब न मेरे जैसा कोई ।
दर्द की नदियाँ अथाह समंदर ।
गाए वो गीत न ऐसा कोई ।
बदनसीब न मेरे जैसा कोई ।
चंद्रमणि 'मणिका'
दिल्ली
दिल्ली

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