कवि- सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
शीर्षक-मेरी माँ
राज्य-छत्तीसगढ़,जिला-महासमुंद
मोब.-8103535652
9644035652
मैं हूँ
जिसकी छाया
वो है
करुण काया।
दुनिया में
कितने ही
रिश्ते अनेक।
माँ तेरी ही
ममता है
दुनिया में नेक।
जो देती मुझको
अभय दान ।
है दुनिया में
मेरी माँ महान।
सम्मान ही
तेरा अरमान
है माँ।
खुश रखूं
मैं तुमको
अरमान है माँ।
दुनिया को
तुझ पर
अभिमान है माँ।
तू ज्योत
बन कर
रोशन करती जहां।
प्रेम त्याग
से अपने
कमल खिलाती वहाँ।
शीर्षक-मेरी माँ
राज्य-छत्तीसगढ़,जिला-महासमुंद
मोब.-8103535652
9644035652
मैं हूँ
जिसकी छाया
वो है
करुण काया।
दुनिया में
कितने ही
रिश्ते अनेक।
माँ तेरी ही
ममता है
दुनिया में नेक।
जो देती मुझको
अभय दान ।
है दुनिया में
मेरी माँ महान।
सम्मान ही
तेरा अरमान
है माँ।
खुश रखूं
मैं तुमको
अरमान है माँ।
दुनिया को
तुझ पर
अभिमान है माँ।
तू ज्योत
बन कर
रोशन करती जहां।
प्रेम त्याग
से अपने
कमल खिलाती वहाँ।
_सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"

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