कुमार तनसुख
श्रीमाधोपुर ,राजस्थान
गज़ल- गुजार दी यूं ही उमर
मो 9351212400
श्रीमाधोपुर ,राजस्थान
गज़ल- गुजार दी यूं ही उमर
मो 9351212400
नही रही वो बात अब इस भरे ज़माने में ।
गुजारदी यूं ही उमर खुद कोआजमाने में ।।
गुजारदी यूं ही उमर खुद कोआजमाने में ।।
अफ़सोस मिट जाने का नही मगर ये है।
कि मेरा नाम भी ना आया इस फसाने में ।।
कि मेरा नाम भी ना आया इस फसाने में ।।
जिनको चाहा था वो ही सितमगर हो गए
मिला क्या सुकून उन्हें दिल मेरा दुखाने में ।।
मिला क्या सुकून उन्हें दिल मेरा दुखाने में ।।
रहनुमा थे मगर भूल ये गए वो कि ।
मिलता नहीँ खुदा किसी को यूं सताने में ।।
मिलता नहीँ खुदा किसी को यूं सताने में ।।
अब भी आए हैं पर चेहरे पर सिकन तक नहीं ।
लोग तैयार है तनसुख चिता को आग लगाने में ।।
कुमार तनसुख
लोग तैयार है तनसुख चिता को आग लगाने में ।।
कुमार तनसुख

वाह क्या बात है।
ReplyDeleteShaandaar...
ReplyDeleteVery good
ReplyDeleteशानदार
ReplyDeleteवाह जी बहुत सुन्दर
ReplyDeleteशानदार
ReplyDeleteकवि ने अपनी रचना में मैरी भी बात कह दी
ReplyDeleteNice one bhiya hurtful line👌👌👌
ReplyDeleteSaandhar....
ReplyDeleteबहुत सही 👌
ReplyDeleteजोरदार
ReplyDeleteशानदार
ReplyDeleteचोखी छ
ReplyDeleteबेहद उम्दा लेखन
ReplyDeleteVery nice chacha ji
ReplyDeleteVry nice bhai ji
ReplyDeleteWah ji wah
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